Home » राष्ट्रीय » “केरल के CM पिनराई विजयन केरल में केंद्र के ‘गुप्त एजेंट’ हैं”, केसी वेणुगोपाल के आरोप से सियासत गरमाने के आसार

“केरल के CM पिनराई विजयन केरल में केंद्र के ‘गुप्त एजेंट’ हैं”, केसी वेणुगोपाल के आरोप से सियासत गरमाने के आसार

Share :

Pinarayi Vijayan, KC Venugopal- India TV Hindi
Image Source : PTI
केरल के सीएम पिनराई विजयन और कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल

तिरुवनंतपुरम: कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल ने शनिवार को केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को केंद्र सरकार का “गुप्त एजेंट” बताया। राज्य मंत्री वी.शिवनकुट्टी ने कांग्रेस नेता और अलप्पुझा के सांसद को भाजपा द्वारा इस पुरानी पार्टी को नष्ट करने के लिए तैनात किया गया “गुप्त एजेंट” करार दिया था। इसके बाद वेणुगोपाल ने सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) पर पलटवार किया। 

‘राज्य का बच्चा-बच्चा यह जानता है’

अलप्पुझा के सांसद ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया, ‘‘पिनराई विजयन केरल में केंद्र के ‘गुप्त एजेंट’ हैं। राज्य का बच्चा-बच्चा यह जानता है।’’ कांग्रेस महासचिव ने कहा कि केरल की मौजूदा सरकार पिछले कुछ वर्षों से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सोच को लागू करने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है। उन्होंने कहा, “पीएम श्री योजना और नए श्रम संहिताओं के मामले में हमने यही देखा। केंद्र द्वारा श्रम संहिताओं को लागू करने से पहले ही, यहां की सरकार ने इसके संबंध में मसौदा नियम तैयार कर लिए थे।” उन्होंने इसके पीछे की मंशा पर सवाल उठाया। 

नई श्रम संहिता पर सीपीएम चुप क्यों है?

उन्होंने कहा, “माकपा को यह स्पष्ट करना होगा। वे मजदूर वर्ग की पार्टी होने का दावा करते हैं।” वेणुगोपाल ने यह भी सवाल उठाया कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के राज्य सचिव बिनॉय विश्वम नई श्रम संहिता और मसौदा नियमों के मुद्दे पर चुप क्यों हैं। उन्होंने पूछा, “क्या उन्हें मजदूरों की चिंता नहीं है?” 

इससे एक दिन पहले शिवनकुट्टी ने उनपर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को हर उस राज्य में गलत सलाह देकर कांग्रेस को कमजोर करने का आरोप लगाया, जहां चुनाव हो रहे हैं। मंत्री ने यह भी आरोप लगाया था कि वेणुगोपाल और भाजपा के बीच एक “सक्रिय आंतरिक साठगांठ” है, क्योंकि कांग्रेस नेता को सोनिया गांधी और राहुल गांधी के विपरीत किसी भी केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा निशाना नहीं बनाया गया है।

आरएसएस स्वयंसेवक की तरह व्यवहार कर रहे राज्यपाल:शिवनकुट्टी

केरल के सामान्य शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी ने शनिवार को कहा कि राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर विश्वविद्यालयों के कामकाज के संबंध में अपने दायित्वों के निर्वहन में राज्य के संवैधानिक प्रमुख की बजाय राजनीतिक नेता और आरएसएस के स्वयंसेवक की तरह व्यवहार कर रहे हैं। शिवनकुट्टी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी राज्य विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति के रूप में एपीजे अब्दुल कलाम प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और डिजिटल विज्ञान, नवाचार एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में कुलपतियों की नियुक्ति के संबंध में आर्लेकर द्वारा लिए गए निर्णय के खिलाफ कड़ी टिप्पणी की थी। 

मंत्री ने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट ने बार-बार कहा है कि राज्यपाल, कुलाधिपति के रूप में उन शक्तियों का प्रयोग कर रहे हैं जो उनके पास नहीं हैं। शिवनकुट्टी ने कहा कि आर्लेकर का रुख राज्य के विश्वविद्यालयों के सुगम संचालन को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने कहा, “राज्यपालों ने पहले कभी इस तरह का व्यवहार नहीं किया। लोगों का अब राज्यपाल पर से विश्वास उठ रहा है।” मंत्री ने दावा किया कि मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कुलपतियों की नियुक्ति के लिए नामों की एक सूची सौंपी थी, लेकिन राज्यपाल ने उन पर विचार नहीं किया। उन्होंने कहा, “राज्यपाल ने राजभवन के खर्चों के लिए राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए धन का इस्तेमाल करने पर मुख्यमंत्री के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। इस तरह की कार्रवाई को उचित नहीं ठहराया जा सकता। राज्यपाल, राजनीतिक नेता और आरएसएस के स्वयंसेवक की तरह व्यवहार कर रहे हैं।” (इनपुट-भाषा)

Latest India News

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments
Advertisement
How to Make a News Portal
Cricket Score
सबसे ज्यादा पड़ गई
Share Market
Rashifal