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श्री सत्य साई बाबा जन्म शताब्दी समारोह में बना वर्ल्ड रिकॉर्ड, दुनिया का सबसे लंबा सांस्कृतिक महोत्सव

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श्री सत्य साई बाबा के...- India TV Hindi
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श्री सत्य साई बाबा के जन्म शताब्दी के अवसर पर आयोजित समारोह की तस्वीर (फोटो @sri_madhu_sai ने ट्वीट किया है)

मुद्देनहल्ली, सत्य साई ग्राम: वन वर्ल्ड वन फैमिली मिशन द्वारा भगवान श्री सत्य साई बाबा की 100वीं जयंती मनाए जाने पर मुद्देनहल्ली स्थित सत्य साई ग्राम दिव्य प्रेम से स्पंदित हुआ। सद्गुरु श्री मधुसूदन साई के नेतृत्व में इस मिशन ने अपनी श्रद्धांजलि स्वरूप 16 अगस्त से 23 नवंबर 2025 तक एक अभूतपूर्व “वन वर्ल्ड वन फैमिली विश्व सांस्कृतिक महोत्सव 2025” का आयोजन किया। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में विश्व के सर्वाधिक लम्बे समय तक चलने वाले सांस्कृतिक महोत्सव के रूप में मान्यता प्राप्त इस महोत्सव ने सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों— संगीत, कला, नृत्य, और समाज-सेवा के अनेक उपक्रमों के माध्यम से एकता की भावना में 100 देशों को एकजुट किया। महोत्सव ने समाज के उत्थान हेतु कार्य करने वाले 100 मानवतावादियों, 140 से अधिक कॉर्पोरेट संस्थाओं, 45 से अधिक वैश्विक चिंतकों तथा संचार-माध्यम, पत्रकारिता एवं जनाधिकार के क्षेत्र की अनेक विशिष्ट हस्तियों को सम्मानित किया।

भगवान श्री सत्य साई बाबा के “सबसे प्रेम – सबकी सेवा” के संदेश की विरासत को समृद्ध करने हेतु मिशन ने पोषण, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में अनेक ऐतिहासिक सेवा पहलों को आरम्भ किया। राष्ट्र सेवा में 126 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का लोकार्पण भी किया गया। सभी के लिए स्वास्थ्य सेवा को समान रूप से सुलभ बनाने की दिशा में वन वर्ल्ड वन फैमिली मिशन की एक और अभूतपूर्व पहल के रूप में विश्व का विशालतम निःशुल्क 600 बिस्तरों वाला निजी चिकित्सालय लोकार्पण हेतु अब तैयार है। इस जन्म शताब्दी महोत्सव का समापन 60 देशों के 450 वैश्विक संगीतज्ञों, 70 सदस्यीय गायन दल तथा भारत के विशालतम सिम्फनी ऑर्केस्ट्रा— ‘साई सिम्फनी ऑर्केस्ट्रा’ के 200 विद्यार्थियों की भव्य संगीत स्वरांजलि प्रस्तुति के साथ सम्पन्न हुआ।

पीएम मोदी का संदेश

इस ऐतिहासिक अवसर पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना भावपूर्ण संदेश साझा करते हुए कहा, “यह जानकर अत्यंत संतोष हुआ है कि श्री सत्य साई बाबा की 100वीं जयंती के उपलक्ष्य में कर्नाटक के मुद्देनहल्ली में सत्य साई ग्राम में स्थित श्री मधुसूदन साई आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान में उत्सवों का आयोजन कर रहा है। भारत तथा विश्वभर में उनके असंख्य अनुयायियों एवं प्रशंसकों को हार्दिक शुभकामनाएं।”

 22 फीट संगमरमर की प्रतिमा का अनावरण 

फ़िजी के राष्ट्रपति राटु नाइकामा लालाबालावु की गौरवपूर्ण उपस्थिति में बाबा की 22 फीट ऊंची संगमरमर की प्रतिमा का अनावरण किया गया। विश्व की सबसे बड़ी रोबोटिक संगमरमर संरचना सदृश यह प्रतिमा प्रेम की उनकी विरासत का प्रतीक है, और सत्य साई ग्राम में शीघ्र ही लोकार्पित होने वाले 600-बिस्तरों वाले विश्व के विशालतम निजी निःशुल्क चिकित्सालय के केंद्रीय प्रांगण की शोभा बढ़ा रही है। यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों और समस्त मानवता को निरंतर प्रेरणा प्रदान करती रहेगी। इस उत्सव को गौरवांवित करते हुए फ़िजी के राष्ट्रपति राटु नाइकामा लालाबालावु ने कहा कि “यहाँ उपस्थित होना और महान दिव्यात्मा श्री सत्य साई बाबा के शताब्दी जन्मोत्सव का भाग बनना मेरे लिए अत्यंत सम्मान की बात है। सद्गुरु श्री मधुसूदन साई द्वारा समर्थित एवं निर्मित ‘वन वर्ल्ड वन फ़ैमिली मिशन’ हमारी सांस्कृतिक विशेषताएँ भिन्न होने के उपरांत भी हमें आध्यात्मिक रूप से एक सूत्र में बाँधता है।”

प्रेम ही विजयी होता है-सुनील गावस्कर

भगवान श्री सत्य साई बाबा की शताब्दी जयंती के साक्षी बनने तथा सद्गुरु श्री मधुसूदन साई द्वारा ‘वन वर्ल्ड वन फ़ैमिली मिशन’ के माध्यम से इस विरासत को आगे बढ़ाने पर कृतज्ञता व्यक्त करते हुए ट्रस्टी एवं मिशन के प्रमुख संरक्षक ‘लिटिल मास्टर’ और क्रिकेट दिग्गज सुनील गावस्कर ने अपने प्रेरणादायक संदेश से वैश्विक दर्शकों को अभिभूत करते हुए कहा, “जब 100 देशों के लोग सेवा में एकत्र होते हैं—जैसा कि उन्होंने यहाँ सत्य साई ग्राम में किया—तब हमें अनुभव होता है कि प्रेम न किसी सीमा को जानता है, न भाषा, न पृष्ठभूमि को। केवल प्रेम ही शेष रहता है, और प्रेम ही विजयी होता है। हमारा वास्तविक कर्तव्य है कि हम संसार को उससे और अधिक प्रेमपूर्ण, अधिक करुणामय और अधिक मानवीय बनाकर छोड़ें, जैसा संसार में हमें जन्म के समय प्राप्त हुआ था। यही वह विरासत है जिसे पीछे छोड़ना सार्थक है।”

Sri Sathya Sai Baba

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श्री सत्य साई बाबा के जन्म शताब्दी के अवसर पर आयोजित समारोह की तस्वीर (फोटो @sri_madhu_sai ने ट्वीट किया है)

अपने भावपूर्ण उद्बोधन में सद्गुरु श्री मधुसूदन साई ने कहा, “जैसा कि हम भगवान श्री सत्य साई बाबा के ‘100 वर्षों और अनन्त उत्सव का आनंद मना रहे हैं, अतः उनकी शिक्षाओं का निष्ठापूर्वक पालन और आचरण ही हमारा सच्ची श्रद्धांजलि है।”

वसुधैव कुटुम्बकम्-एक जीवंत सत्य 

मुद्देनहल्ली स्थित सत्य साई ग्राम में आयोजित इस जन्म शताब्दी महोत्सव में 100 देशों ने कला, संगीत एवं नृत्य की अभिव्यक्तियों के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन किया, जिसने प्रमाणित किया कि मूल रूप से सम्पूर्ण मानवता एक ही परिवार है। यहाँ ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ केवल एक कथन ही नहीं, अपितु एक जीवंत सत्य बन गया है। विभिन्न क्षेत्रों एवं धर्मों में व्याप्त शाश्वत सत्य एवं ज्ञान को साझा करते हुए प्रतिष्ठित आध्यात्मिक मार्गदर्शकों तथा साधकों ने श्री सत्य साई बाबा के इस संदेश की पुष्टि करते हुए महोत्सव को गौरवांवित किया कि “एकता ही दिव्यता है। पवित्रता ही प्रबोधन है।”

मुद्देनहल्ली स्थित सत्य साई ग्राम में आयोजित इस महोत्सव ने प्रौद्योगिकी, विज्ञान, नवाचार तथा सामाजिक उद्यम क्षेत्रों के वैश्विक नेताओं, परिवर्तनकर्ताओं तथा चिंतकों को उनके असाधारण दृष्टिकोण एवं विश्व को बेहतर तथा उन्नत स्थान बनाने के लिए किए जा रहे उनके प्रयासों के लिए सम्मानित भी किया। वन वर्ल्ड वन फैमिली ग्लोबल लीडरशिप अवार्ड से सम्मानित प्रमुख हस्तियों में मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन आर. सी. भार्गव, टाटा संस के चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन, भारत में रोबोटिक सर्जरी के जनक के रूप में प्रसिद्ध डॉ. सुधीर पी. श्रीवास्तव, प्रतिष्ठित वैज्ञानिक और लेखक डॉ. आनंद रंगनाथन इत्यादि सम्मिलित हैं। 

140 से अधिक कॉर्पोरेट और सामाजिक उद्यमों को पुरस्कार

वन वर्ल्ड वन फैमिली मिशन के साथ एकजुटता एवं निःस्वार्थ सेवा में एकजुट होकर अनगिनत लोगों एवं परिवारों में आशा जगाने, स्वास्थ्य तथा प्रसन्नता पहुँचाने वाले 140 से अधिक कॉर्पोरेट और सामाजिक उद्यमों को सीएसआर सर्कल ऑनर 2025 पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया। महोत्सव ने स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण, महिला एवं बाल कल्याण, धार्मिक एकता, खेल एवं योग, संगीत एवं ललित कला श्रेणियों में भी 100 देशों के 100 मानवतावादियों को सम्मानित किया है। इन मानवतावादियों ने चुनौतियों को पार करते हुए परंपरागत मानकों को तोड़ा और समाज में उस परिवर्तन के कारक बने जिसे हम और व्यापक रूप से मानवता के लिए देखना चाहते हैं।

“मानव सेवा ही माधव सेवा है”

भगवान बाबा की शिक्षा— “मानव सेवा ही माधव सेवा है” से प्रेरित होकर मुद्देनहल्ली स्थित सत्य साई ग्राम से परिचालित इस वन वर्ल्ड वन फैमिली मिशन ने निःशुल्क पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा तथा सामाजिक सेवा के क्षेत्रों में अनेक अग्रणी पहल और प्रयास किए हैं, जिनके माध्यम से अब तक विश्वभर में 1.3 करोड़ से अधिक लोगों के जीवन में परिवर्तन लाया गया है। इस मिशन के प्रेरणा स्रोत बाबा को श्रद्धांजलि स्वरूप क्रियाशील ‘प्रेम और करुणा’ की प्रत्यक्ष पुष्टि सदृश अनेक प्रमुख नवीन उपकम आरम्भ किए गए हैं। जन्मशताब्दी अर्पण स्वरूप, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा, निदान एवं उपचार की सुविधायुक्त 126 साई स्वास्थ्य कल्याण केंद्र भी लोकार्पित किए गए हैं, जिससे विशेष रूप से ग्रामीण एवं सुदूर समुदायों हेतु स्वास्थ्य सेवा समानता से सर्वसुलभ एवं उपलब्ध हो सके।

600 बिस्तरों वाला विश्व का विशालतम निःशुल्क निजी चिकित्सालय मानवता एवं राष्ट्र को लोकार्पित किए जाने हेतु तैयार है। वन वर्ल्ड वन फैमिली मिशन के वैश्विक स्वास्थ्य सेवा पदचिन्हों के ऐतिहासिक विस्तार के रूप में यह अत्याधुनिक चिकित्सालय सचेत, सामूहिक एवं करुणाशील प्रयासों की आवश्यकता की पूर्ति करेगा तथा श्री मधुसूदन साई आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान (एसएमएसआईएमएसआर) के द्वितीय शिक्षण चिकित्सालय के रूप में भावी स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों को तैयार करेगा।

60 देशों के 450 संगीतज्ञ, 70-सदस्यीय गायन दल की स्वरांजलि 

‘किसी को पीछे न छोड़ने’ के लिए संकल्परत यह नवीन चिकित्सा उपक्रम सभी को तकनीकी रूप से सक्षम, जीवनरक्षक आपातकालीन एवं आघात-चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करेगा। भगवान श्री सत्य साई बाबा के संदेश— “धर्म केवल एक ही है, और वह है प्रेम का धर्म” से प्रेरित होकर 21 से 23 नवंबर तक आयोजित विश्व धर्म सम्मेलन ने विश्व के 12 प्रमुख धर्मों के धर्माचार्य, चिंतकों एवं परिवर्तनकर्ताओं को सद्भाव की भावना में एक स्थान पर एकजुट भी किया है। वन वर्ल्ड वन फैमिली सिम्फनी ऑर्केस्ट्रा ने, समापन समारोह एवं सामूहिक श्रद्धा सुमन के रूप में 60 देशों के 450 वैश्विक संगीतज्ञों, 70-सदस्यीय गायन दल ने आत्मा को अभिभूत कर देने वाली स्वरांजलि अर्पित की, जिसमें भारत के विशालतम सिम्फनी ऑर्केस्ट्रा— ‘साई सिम्फनी ऑर्केस्ट्रा’ के 200 युवा विद्यार्थी भी सम्मिलित थे। विश्वभर के दूतावासों के विशिष्ट अतिथियों ने महोत्सव को एक नया आयाम प्रदान करते हुए महोत्सव की शोभा बढ़ाई, जिससे इन राष्ट्रों के साथ भारत के सहयोगात्मक संबंध और अधिक सुदृढ़ हुए।

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