
भारत में 2023 में 1 लाख 73 हजार लोगों ने सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाई थी।
नई दिल्ली: भारत में साल 2024 में सड़क दुर्घटनाओं ने अब तक का सबसे भयानक रिकॉर्ड बनाया है। देश में 2024 में कुल 1 लाख 77 हजार 177 लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवा बैठे। यह आंकड़ा 2023 के 1 लाख 73 हजार से भी ज्यादा है और देश में एक साल में सड़क हादसों से होने वाली मौतों का सबसे बड़ा आंकड़ा है। लोकसभा में DMK सांसद ए. राजा के सवाल के लिखित जवाब में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने यह जानकारी दी। गडकरी ने सदन को बताया कि इन आंकड़ों से साफ है कि सड़क सुरक्षा के लिए और सख्त और तेज कदम उठाने की सख्त जरूरत है।
हर दिन सड़क दुर्घटनाओं में औसतन 485 मौतें
गडकरी ने बताया, ‘राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से मिली सूचना के अनुसार, साल 2024 में सभी तरह की सड़कों पर हुए हादसों में कुल 1,77,177 लोगों की मौत हुई है। इसमें पश्चिम बंगाल का आंकड़ा भी शामिल है, जो eDAR पोर्टल से लिया गया है।’ राष्ट्रीय राजमार्गों की बात करें तो इन पर 54,433 लोग मारे गए, यानी कुल मौतों का करीब 31 फीसदी हिस्सा सिर्फ नेशनल हाईवे का है। सड़क हादसे अब देश में एक बड़ा संकट बन चुके हैं और हर दिन औसतन 485 लोग दुर्घटनाओं में जान गंवा रहे हैं।
चीन और अमेरिका की तुलना में कहां है भारत?
सरकार ने बताया कि भारत में प्रति लाख आबादी पर सड़क हादसों से होने वाली मौतों की दर 11.89 है। वहीं, इसकी तुलना में चीन में यह दर प्रति लाख आबादी पर 4.3 मौतें हैं जो कि भारत से काफी कम है। वहीं, अमेरिका की बात करें तो वहां यह दर 12.76 है, जो कि भारत से थोड़ी ज्यादा है। बता दें कि भारत ने स्टॉकहोम घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें 2030 तक सड़क हादसों से होने वाली मौतों को आधा करने का वादा किया गया है, लेकिन मौजूदा आंकड़े बता रहे हैं कि यह लक्ष्य हासिल करना बहुत मुश्किल होने वाला है। ‘इंडिया स्टेटस रिपोर्ट ऑन रोड सेफ्टी 2024’ ने भी चेतावनी दी है कि अगले 6 साल में 50 फीसदी कमी लाना लगभग नामुमकिन दिख रहा है।





