पाकिस्तान की सैन्य इकाई बॉर्डर एक्शन टीम (बैट) के हमले की आशंका के बीच बारामुला के उड़ी सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के करीब सेना ने तलाशी अभियान शुरू कर दिया। सूत्रों ने बताया कि घुसपैठ की कोशिश भी नाकाम की गई।
उड़ी सेक्टर के कमलकोट में बुचर पोस्ट के पास घने जंगलों में बुधवार सुबह सेना ने कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन (कासो) शुरू किया। सैनिकों ने अग्रिम रक्षात्मक स्थान के पास संदिग्ध गतिविधि देखी थी। सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीय राइफल्स के जवानों ने अग्रिम रक्षा रेखा के पास बॉर्डर एक्शन टीम (बैट) के संभावित हमले की आशंका के बाद अभियान शुरू किया। बुचर पोस्ट के ऊपर ऊबड़-खाबड़ इलाके में गतिविधि देखी गई जिसके बाद घुसपैठियों को रोकने के लिए जवाबी कार्रवाई की गई।
सेना ने पूरे क्षेत्र को नागरिकों के लिए नो मूवमेंट ज़ोन घोषित कर दिया। सूचना मिली थी थी उड़ी सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ की कोशिश को जवानों द्वारा नाकाम कर दिया गया है। हालांकि आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई। किसी के घायल या हताहत होने की सूचना नहीं है। सूत्रों ने बताया कि कमलकोट और आसपास के क्षेत्र में स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
राजोरी में नियंत्रण रेखा पर हाई अलर्ट, ग्रामीण क्षेत्र में सेना ने शुरू किया अभ्यास
बढ़ रही सर्दी में घुसपैठ के खतरे को देखते हुए नियंत्रण रेखा पर सेना हाई अलर्ट है। दिल्ली विस्फोट के बाद से ही एलओसी पर चौकसी बढ़ा दी है। सीमा पर हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। दुश्मन को किसी भी नापाक हरकत का मुंह तोड़ जवाब देने के लिए सेना को पहले ही कड़े निर्देश दिए जा चुके हैं।
कुछ दिन पहले ही वाइट नाइट कोर के जीओसी प्रतीक शर्मा ने नियंत्रण रेखा स्थित अग्रिम चौकियों के दौरे के दौरान स्थिति का जायजा लेने के साथ सतर्क रहने के निर्देश जारी किए थे। सुंदरबनी और पुंछ मे अशनी प्लाटून को तैनात कर दिया है जो विभिन्न प्रकार के ड्रोन संचलित करती है और उनका इस्तेमाल सटीक हमले के लिए किया जाता है।
आरएस पुरा सेक्टर के सीमावर्ती क्षेत्र में कई दिनों से बीएसएफ की ओर से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। तारबंदी के आगे किसान खेतों में धान की फसल समेटते हुए देखे जा सकते हैं। सीमांत क्षेत्र में पुलिस पोस्टों पर भी कड़ी चौकसी होने के साथ वाहनों की जांच की जा रही है।
दिल्ली घटना के बाद सीमांत क्षेत्र के गांवों में सेना की ओर से अभ्यास किए जाने के बाद भारत-पाकिस्तान के मध्य तनाव की स्थिति बनने से कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।





